Noida Protest : नोएडा के होजरी कॉम्प्लेक्स में 'रिचा ग्लोबल' कंपनी में अप्रैल में हुई गंभीर श्रमिक हिंसा के मामले में फेज-दो कोतवाली पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने इस पूरी योजना की जांच पूरी कर अदालत में लगभग 1500 पन्नों की एक भारी चार्जशीट पेश की है। इस चार्जशीट में 77 गवाहों के बयानों के साथ ऐसे प्रमाण पेश किए गए हैं, जिन्होंने हिंसा के पीछे एक विशाल और पुरानी नेटवर्क का खुलासा कर दिया है। दिल्ली से सीक्रेट लैपटॉप बरामद पुलिस के अनुसार, इस हिंसा के प्रमुख सूत्रधार रूपेश राय के पास 22 अप्रैल 2026 को एक मोबाइल और दिल्ली के करावल नगर से एक गुप्त लैपटॉप मिला था। जांच में इस लैपटॉप और मोबाइल से उत्तेजक सामग्रियों का भंडार प्राप्त हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रूपेश के घर से 4 नक्शे मिले हैं, जिनमें हिंसा के संभावित स्थलों को सही तरीके से चिह्नित (मार्क) किया गया था। इसके अलावा, फैक्ट्रियों में अराजकता फैलाने के लिए 40 हजार रुपये खर्च कर 3,000 उत्तेजक पर्चे भी छपवाए गए थे। 2018 से एक्टिव था नेटवर्क चार्जशीट में कहा गया है कि आरोपी रूपेश राय, आकृति और मनीषा सहित जेल में बंद 10 आरोपियों के खिलाफ हिंसा भड़काने के ठोस डिजिटल प्रमाण प्राप्त हुए हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से यह साबित हुआ है कि 9 अप्रैल से 13 अप्रैल के बीच ये सभी आरोपी घटनास्थल पर थे। जांच में सामने आया है कि रूपेश राय 2018 से 'बिगुल मजदूर दस्ता' और 'रिवोल्यूशनरी वर्कर्स पार्टी' जैसे संगठनों के तहत सोशल मीडिया पर लगातार अभियान चला रहा था। इन आरोपी व्यक्तियों ने श्रमिकों को उकसाकर हरियाणा के मानेसर जैसी हिंसक और रक्तपात वाली घटना को नोएडा में दोबारा करने की पूरी योजना बना ली थी। 3 नए चेहरे पुलिस की रडार पर, जल्द होगी गिरफ्तारी पुलिस की इस गहन जांच में तीन नए नाम— प्रियमबदा शर्मा, प्रेरित लोढ़ा और योगेश मीना भी उभरकर आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस सर्च कर रही है। पुलिस ने न्यायालय को बताया कि इन आरोपियों ने 16 फरवरी से 4 मार्च 2026 तक उत्तेजक भाषण देकर स्थिति बनाई थी। वर्तमान में, इस 1500 पन्नों की चार्जशीट के बाद न्यायालय में आने वाले दिनों में कई और बड़े और हैरान करने वाले खुलासे होने की संभावना है। ये भी पढ़े : Noida Land Auction: जीआईपी और गार्डन गैलेरिया का ‘द एंड’, सड़क से दोनों कैंपस होंगे अलग